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Employees' State Insurance Corp.
EPF Act 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों पर लागू होता है।
- ₹21,000 तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारी ESIC के अंतर्गत आते हैं।
- कर्मचारी अंशदान: वेतन का 0.75%।
- नियोक्ता अंशदान: वेतन का 3.25%।
- ESIC के तहत कर्मचारी एवं उसके परिवार को चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त होती हैं।

Employees' Provident Funds Act
- EPF Act 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों पर लागू होता है।
- कर्मचारी अंशदान : वेतन का 12%।
- नियोक्ता अंशदान : लगभग 13%।
- ₹15,000 तक मासिक वेतन वाले कर्मचारियों के लिए EPF सदस्यता अनिवार्य है।
- ₹15,000 से अधिक वेतन होने पर कर्मचारी और नियोक्ता की सहमति से EPF सदस्यता ली जा सकती है।

The Factories Act
- Factory Act उत्तर प्रदेश में 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली फैक्ट्रियों पर लागू होता है।
- Hazardous (अति खतरनाक) फैक्ट्रियों पर यह अधिनियम 5 या उससे अधिक कर्मचारियों होने पर लागू होता है।
- यह अधिनियम कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करता है।

Gratuity Act
- Gratuity Act उत्तर प्रदेश में उन संस्थाओं पर लागू होता है जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत होते हैं।
- यह अधिनियम कर्मचारियों को सेवा अवधि पूर्ण होने पर ग्रेच्युटी (सेवानिवृत्ति लाभ) प्रदान करता है।
- ग्रेच्युटी का भुगतान कर्मचारी की निरंतर सेवा के आधार पर किया जाता है।

Bonus Act
- Bonus Act उत्तर प्रदेश में उन संस्थानों पर लागू होता है जहाँ 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत होते हैं।
- पात्र कर्मचारियों को अधिनियम के अनुसार वार्षिक बोनस प्रदान किया जाता है।
- बोनस का भुगतान निर्धारित नियमों एवं पात्रता के अनुसार किया जाता है।

Minimum Wage
- उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) वर्ष में दो बार संशोधित की जाती है।
- यह संशोधन सामान्यतः अप्रैल एवं अक्टूबर माह में लागू होता है।
- नई दरें राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना (Notification) जारी करके निर्धारित की जाती हैं।

BOC Act
- उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (BOCW) अधिनियम वर्ष 2009 से लागू है।
- किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य (Construction Work) पर इस अधिनियम के तहत लेबर विभाग में पंजीकरण (Registration) कराना आवश्यक होता है।
- निर्माण कार्य पर निर्धारित सेस (Cess) जमा करना अनिवार्य है।
- यह अधिनियम व्यक्तिगत मकान (House Construction) पर भी लागू होता है।
- इसका उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
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